पोश्चर करेक्शन वाली ऑनलाइन योग क्लास: लाइव कैमरा पर करेक्शन कैसे होता है

योग का वीडियो फ़ॉलो करना आसान है। यह जानना कि आसन सही हो रहा है या नहीं, आसान नहीं। रिकॉर्डेड क्लास में, या दर्जनों लोगों वाली बड़ी Zoom क्लास में, कोई आपका घुटना, आपकी कमर या आपके कंधे नहीं देख सकता। आप स्क्रीन पर दिखने वाली शेप की नक़ल करती हैं और उम्मीद करती हैं कि सही हो रहा होगा।
कैमरा-ऑन क्लास यही कमी पूरी करती है। अगर आप अभी विकल्पों की तुलना कर रही हैं, तो पहले पढ़ें ऑनलाइन योग क्लास कैसे चुनें। इस पोस्ट में बताया है कि लाइव पोश्चर करेक्शन वाली क्लास में असल में क्या होता है, और कौन-सी ग़लतियाँ पकड़ी जाती हैं।
आसनों की गिनती से ज़्यादा पोश्चर क्यों ज़रूरी है
योग में कितने आसन किए, इससे ज़्यादा ज़रूरी है कि आसन कैसे किया। रोज़ दोहराई गई छोटी-सी ग़लती, जैसे अंदर की तरफ़ जाता घुटना या नीचे धँसती कमर, फ़ायदेमंद आसन को खिंचाव में बदल सकती है। ज़्यादातर लोगों को उस समय पता नहीं चलता। हफ़्तों बाद घुटने के दर्द या अकड़ी कमर के रूप में पता चलता है, और अक्सर वे छोड़ देती हैं।
अच्छा करेक्शन आसन को "परफ़ेक्ट" करने के बारे में नहीं है। यह ऐसा रूप करने के बारे में है जो आज आपके शरीर के लिए सही हो।
कैमरा-ऑन क्लास में करेक्शन कैसे होता है
- आपका फ़ोन या लैपटॉप 2 से 3 मीटर दूर रखा होता है, जहाँ से आप सिर से पैर तक दिखें।
- आपका माइक म्यूट रहता है, और जब आप अभ्यास करती हैं, टीचर हर स्क्रीन देखती हैं।
- कुछ दिखने पर वे नाम लेकर एक छोटा-सा निर्देश हिंदी में देती हैं, जैसे "नेहा, आगे वाला घुटना थोड़ा और मोड़ो"।
- कुछ आसनों में वे आपको बगल में घूमने को कहती हैं, ताकि बगल से आपकी कमर और घुटने देख सकें।
- अगर दर्द है, पीरियड्स चल रहे हैं, या हाल ही में डिलीवरी हुई है, तो पूरे आसन की जगह आसान रूप करवाती हैं।
यह तभी काम करता है जब बैच छोटा हो। स्क्रीन पर 12 महिलाएँ हों तो हर किसी का घुटना या कंधा दिख जाता है। 50 या 100 हों तो सब छोटे थंबनेल बन जाते हैं। इसीलिए हमारे बैच कभी 12 से ज़्यादा नहीं होते।
टीचर सबसे ज़्यादा कौन-सी ग़लतियाँ पकड़ती हैं
- लंज और वॉरियर आसनों में घुटना अंदर की तरफ़ गिरना। घुटना दूसरी उँगली की सीध में रहना चाहिए।
- प्लैंक में कमर नीचे लटकना। पेट को हल्का अंदर खींचें, या घुटने मैट पर रख लें।
- आगे झुकने वाले आसनों में पीठ गोल होना। घुटने मोड़ें और कमर से नहीं, कूल्हों से झुकें।
- भुजंगासन (कोबरा) में कंधे कानों की तरफ़ उठना। कोहनी नरम रखें और उतना ही उठें जितना कमर के लिए आरामदायक हो।
- खड़े होने वाले आसनों में घुटने लॉक करना। घुटने में हल्की-सी नरमी रखें।
- कठिन आसन में साँस रोकना। अगर धीरे साँस नहीं ले पा रहीं, तो थोड़ा कम करें।
किसी आसन में तेज़ दर्द हो तो रुक जाएँ और टीचर को बताएँ। कोई बीमारी, हाल की सर्जरी या प्रेग्नेंसी हो तो शुरू करने से पहले डॉक्टर से पूछ लें।
क्या कैमरा ऑन रखना सुरक्षित है?
कैमरा ऑन रखने से ही करेक्शन मुमकिन है, इसलिए यह आरामदायक लगना चाहिए। हमारी क्लास में:
- बैच सिर्फ़ महिलाओं का है, और सिखाने वाली भी महिला हैं।
- कोई स्टूडेंट क्लास या किसी भी स्टूडेंट को रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट या शेयर नहीं कर सकती।
- क्लास की रिकॉर्डिंग सिर्फ़ उसी बैच के साथ शेयर होती है और 30 दिन बाद डिलीट हो जाती है।
- क्लास शुरू होने के 10 मिनट बाद एंट्री बंद हो सकती है, ताकि कोई बीच में न आए।
कैमरा-ऑन क्लास के लिए तैयारी कैसे करें
- फ़ोन 2 से 3 मीटर दूर, लगभग कूल्हे की ऊँचाई पर रखें, ताकि पूरा शरीर फ़्रेम में आए।
- खिड़की या रोशनी की तरफ़ मुँह करके रहें, उसकी उल्टी तरफ़ नहीं, ताकि टीचर आपको साफ़ देख सकें।
- न फिसलने वाली योगा मैट इस्तेमाल करें, और ऐसे कपड़े पहनें जिनमें घुटने और पीठ दिखें।
- आसान रूप के लिए पास में एक कुशन या मुड़ी हुई चादर रखें।
करेक्शन वाली क्लास आज़माएँ
हमारे प्रोग्राम के पहले 4 हफ़्ते बुनियादी बातों पर होते हैं, हर आसन के आसान रूप के साथ, इसलिए बिल्कुल नए लोग भी आ सकते हैं। 3 दिन फ़्री एक असली लाइव बैच में जुड़ें, और अच्छा लगे तभी आगे बढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कैमरा ऑन रखना ज़रूरी है?
हाँ, ताकि आपका पोश्चर ठीक हो सके। बैच सिर्फ़ महिलाओं का है, सिखाने वाली महिला हैं, और कोई क्लास रिकॉर्ड या स्क्रीनशॉट नहीं कर सकता।
क्या टीचर सबके सामने मुझे टोकेंगी?
वे नाम लेकर छोटे, प्यार भरे निर्देश देती हैं जबकि सब अभ्यास करते रहते हैं। कोई रुककर नहीं देखता, और शरीर कैसा दिखता है इसे लेकर कभी किसी को अलग नहीं किया जाता।
क्या फ़ोन कैमरा पर सच में पोश्चर दिख जाता है?
हाँ, अगर पूरा शरीर फ़्रेम में हो। फ़ोन 2 से 3 मीटर दूर रखें, और कहने पर बगल में घूम जाएँ।
मैं बिल्कुल नई हूँ। क्या मुझे हर समय टोका जाएगा?
शुरू में हर क्लास में कुछ निर्देश मिलेंगे, और बुनियादी बातें पक्की होने के साथ कम होते जाएँगे। पहले 4 हफ़्ते पोश्चर और साँस पर ध्यान देते हैं।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई बीमारी, चोट या प्रेगनेंसी हो तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें।

