घुटनों के दर्द के लिए योग: 7 हल्के आसन और क्या न करें

सीढ़ियाँ चढ़ते समय, ज़मीन पर बैठकर उठते समय या देर तक खड़े रहने के बाद घुटनों में दर्द, यह बहुत सी महिलाओं की आम शिकायत है। अक्सर वजह होती है घुटने के आसपास की मांसपेशियों का कमज़ोर होना, ख़ासकर जाँघ की।
हल्का योग इन मांसपेशियों को धीरे-धीरे मज़बूत करता है और घुटने की हरकत आसान बनाता है। यहाँ सिर्फ़ वे आसन हैं जिनमें घुटने पर वज़न या झटका नहीं पड़ता।
पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से मिलें अगर: घुटने में सूजन या गर्माहट हो, चोट के बाद दर्द शुरू हुआ हो, घुटना अटक जाता हो या अचानक जवाब दे देता हो, हाल ही में सर्जरी हुई हो, या दर्द रात को भी बना रहता हो। ऐसे में योग उनकी सलाह से ही करें।
घुटनों के दर्द के लिए 7 हल्के आसन
- जानु चालन (घुटने की हल्की हरकत)पैर सीधे करके बैठें। घुटने के नीचे हाथ रखकर पैर को 10 बार धीरे मोड़ें और सीधा करें। यह वॉर्म-अप है, दर्द हो तो दायरा छोटा रखें।
- क्वाड सेट (जाँघ कसना)पैर सीधे, घुटने के नीचे एक मुड़ा हुआ तौलिया रखें। जाँघ कसकर तौलिये को नीचे दबाएँ, 5 गिनती रोकें, छोड़ें। हर पैर से 10 बार।
- एक पैर ऊपर उठानापीठ के बल लेटें या हाथ पीछे रखकर बैठें। एक घुटना मोड़ लें, दूसरा पैर सीधा रखकर धीरे एक फ़ुट तक उठाएँ, 3 गिनती रोकें, नीचे लाएँ। हर पैर से 8 से 10 बार।
- सुप्त पादांगुष्ठासन (पट्टे के साथ)पीठ के बल लेटकर एक पैर के पंजे पर दुपट्टा या पट्टा फँसाएँ और पैर को आराम से ऊपर ले जाएँ। घुटना थोड़ा मुड़ा रहे तो भी ठीक है। हर पैर से 20 से 30 सेकंड।
- सेतु बंधासन (हल्का ब्रिज)पीठ के बल, घुटने मोड़े, पैर कूल्हों की चौड़ाई पर। कूल्हे थोड़ा सा उठाएँ, 3 से 5 साँस रोकें। घुटने अंदर की तरफ़ न गिरने दें।
- ताड़ासन (दीवार के सहारे)दीवार से पीठ लगाकर सीधे खड़े हों, वज़न दोनों पैरों पर बराबर। जाँघ हल्के से कसें, 5 साँस। खड़े होने का सही तरीक़ा घुटनों का बोझ कम करता है।
- कुर्सी के साथ आधा उत्कटासनकुर्सी के आगे खड़े होकर ऐसे बैठें जैसे कुर्सी पर बैठने वाली हों, पर सिर्फ़ थोड़ा सा नीचे जाएँ और वापस उठें। घुटने पंजों से आगे न जाएँ। 5 से 8 बार।
यह रूटीन रोज़ 15 से 20 मिनट काफ़ी है। आसन के दौरान दर्द 10 में से 3 से ऊपर जाए तो उस आसन को छोड़ दें या दायरा कम करें। हल्का खिंचाव ठीक है, तेज़ या चुभने वाला दर्द नहीं।
घुटनों के दर्द में इनसे बचें
- वज्रासन, पद्मासन और देर तक पालथी मारकर बैठना, जब तक दर्द न जाए।
- गहरे स्क्वैट और घुटने पूरा मोड़कर ज़मीन पर बैठना।
- कूदना, जंपिंग जैक और तेज़ सूर्य नमस्कार।
- पैर ज़मीन पर टिका हो तब घुटने को अंदर या बाहर घुमाना।
ज़मीन पर बैठना मुश्किल हो तो ये आसन कुर्सी या बिस्तर पर भी कर सकती हैं। घुटने के नीचे तकिया या मुड़ा हुआ कंबल रखना बिल्कुल ठीक है।
रोज़ की छोटी आदतें
- देर तक एक ही स्थिति में न बैठें। हर घंटे उठकर 2 मिनट चलें।
- सीढ़ियाँ चढ़ते समय रेलिंग पकड़ें और पूरा पैर सीढ़ी पर रखें।
- घर में भी ऐसी चप्पल पहनें जो पैर को सही सहारा दे।
- वज़न ज़्यादा है तो धीरे-धीरे कम करना घुटनों के लिए भी अच्छा है। पढ़ें घर पर वज़न घटाने के लिए योग।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या घुटनों के दर्द में योग करना सुरक्षित है?
हल्के आसन जो घुटने पर वज़न या झटका नहीं डालते, अक्सर मदद करते हैं। सूजन, चोट या सर्जरी के बाद पहले डॉक्टर या फ़िज़ियोथेरेपिस्ट से पूछें।
घुटनों के दर्द में वज्रासन कर सकते हैं?
जब तक दर्द है, वज्रासन न करें, क्योंकि इसमें घुटना पूरा मुड़ता है। दर्द ठीक होने के बाद, तकिया रखकर थोड़ी देर से शुरू करें।
कितने दिन में फ़र्क़ महसूस होता है?
हर शरीर अलग है। रोज़ अभ्यास करने पर कई लोगों को कुछ हफ़्तों में सीढ़ियाँ चढ़ना और उठना-बैठना आसान लगने लगता है। फ़र्क़ न दिखे या दर्द बढ़े तो डॉक्टर से मिलें।
क्या ऑनलाइन क्लास में घुटनों के दर्द का ध्यान रखा जाता है?
हाँ। हमारे बैच में सिर्फ़ 12 महिलाएँ होती हैं और कैमरा ऑन रहता है, इसलिए लतिका हर आसन का आसान रूप बताती हैं। जुड़ने से पहले अपनी समस्या WhatsApp पर बता दें।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई बीमारी, चोट या प्रेगनेंसी हो तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें।


