सूर्य नमस्कार के 12 चरण: सही तरीक़ा, साँस और आम ग़लतियाँ

सूर्य नमस्कार 12 आसनों की एक श्रृंखला है, जो साँस के साथ एक लय में की जाती है। इसमें पूरा शरीर काम करता है: हाथ, पैर, कमर, पेट और साँस। इसीलिए इसे योग क्लास का दिल माना जाता है, और हमारी हर क्लास में सूर्य नमस्कार होता है।
एक राउंड में 12 चरण होते हैं। पहले राउंड में दायाँ पैर पीछे जाता है, दूसरे में बायाँ। दोनों मिलकर एक पूरा सेट बनते हैं।
लतिका के साथ सूर्य नमस्कार
YouTube पर देखेंसूर्य नमस्कार के 12 चरण
- प्रणामासन · साँस छोड़ेंमैट के आगे सीधे खड़े हों, हाथ छाती के सामने नमस्ते में।
- हस्त उत्तानासन · साँस लेंहाथ ऊपर ले जाकर हल्का-सा पीछे झुकें। कमर पर ज़ोर न डालें, छाती को खुलने दें।
- पादहस्तासन · साँस छोड़ेंकमर से आगे झुकें, हाथ पैरों के पास। हाथ ज़मीन तक न पहुँचें तो घुटने हल्के मोड़ लें।
- अश्व संचालनासन · साँस लेंदायाँ पैर पीछे ले जाएँ, घुटना ज़मीन पर। आगे वाला घुटना टखने के ऊपर रहे, नज़र सामने।
- पर्वतासन · साँस छोड़ेंबायाँ पैर भी पीछे, हिप्स ऊपर उठाकर उल्टा V बनाएँ। एड़ियाँ ज़मीन की ओर।
- अष्टांग नमस्कार · साँस रोककरघुटने, छाती और ठुड्डी ज़मीन पर, हिप्स थोड़े ऊपर। शरीर के आठ अंग ज़मीन को छूते हैं।
- भुजंगासन · साँस लेंआगे सरककर छाती उठाएँ। कोहनियाँ थोड़ी मुड़ी और कंधे कानों से दूर रहें।
- पर्वतासन · साँस छोड़ेंहिप्स वापस ऊपर, फिर से उल्टा V।
- अश्व संचालनासन · साँस लेंदायाँ पैर हाथों के बीच आगे लाएँ, बायाँ घुटना ज़मीन पर।
- पादहस्तासन · साँस छोड़ेंपीछे वाला पैर भी आगे लाकर आगे झुकें।
- हस्त उत्तानासन · साँस लेंसीधी कमर के साथ ऊपर उठें, हाथ ऊपर।
- प्रणामासन · साँस छोड़ेंहाथ वापस नमस्ते में। अगला राउंड बाएँ पैर से शुरू करें।
हाई BP, दिल की समस्या, हर्निया, कमर की स्लिप डिस्क या प्रेग्नेंसी में सूर्य नमस्कार डॉक्टर की सलाह और टीचर की निगरानी में ही करें। पीरियड्स में धीमे करें या आराम करें।
शुरुआत में कितने राउंड करें?
पहले हफ़्ते 3 से 5 राउंड धीरे-धीरे, हर चरण में एक पूरी साँस के साथ। जब चरण याद हो जाएँ और साँस न टूटे, तब हर हफ़्ते 2 से 3 राउंड बढ़ाएँ। गति से ज़्यादा ज़रूरी है सही मुद्रा और साँस का साथ।
आम ग़लतियाँ
- साँस रोकना या उल्टी साँस लेनाऊपर उठते समय साँस लें, नीचे झुकते समय छोड़ें। याद न रहे तो धीमे हो जाएँ।
- हस्त उत्तानासन में कमर पर ज़ोरपीछे झुकना छाती से होना चाहिए, कमर के निचले हिस्से से नहीं।
- लंज में आगे वाला घुटना पंजों से आगेघुटना हमेशा टखने के ठीक ऊपर रहे, वरना घुटने पर दबाव पड़ता है।
- भुजंगासन में कंधे कानों तककंधे नीचे और पीछे रखें, गर्दन लंबी।
- बहुत तेज़ करनातेज़ सूर्य नमस्कार कार्डियो जैसा लग सकता है, पर ग़लत मुद्रा के साथ खिंचाव भी बढ़ता है। पहले सही, फिर तेज़।
सूर्य नमस्कार के फ़ायदे
- पूरे शरीर का वार्म-अप और स्ट्रेच, कुछ ही मिनटों में।
- हाथ, पैर और कोर में ताक़त।
- साँस और हलचल का तालमेल, जिससे मन शांत होता है।
- रोज़ किया जाए तो स्टैमिना और लचीलापन धीरे-धीरे बढ़ता है।
- वज़न घटाने के रूटीन का अच्छा हिस्सा। पढ़ें घर बैठे वज़न घटाने के लिए योग।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सूर्य नमस्कार में कितने चरण होते हैं?
एक राउंड में 12 चरण होते हैं। एक राउंड दाएँ पैर से और एक बाएँ पैर से मिलकर एक पूरा सेट बनता है।
सूर्य नमस्कार कब करना चाहिए?
सुबह ख़ाली पेट सबसे अच्छा है। शाम को करें तो खाने के 2 से 3 घंटे बाद।
रोज़ कितने सूर्य नमस्कार करने चाहिए?
शुरुआत 3 से 5 राउंड से करें। आदत होने पर धीरे-धीरे 12 राउंड तक बढ़ा सकती हैं। सही मुद्रा के साथ कम राउंड, ग़लत मुद्रा के साथ ज़्यादा राउंड से बेहतर हैं।
क्या पीरियड्स में सूर्य नमस्कार कर सकते हैं?
अपने शरीर की सुनें। बहुत-सी महिलाएँ पीरियड्स के पहले 2 दिन आराम करती हैं या धीमा रूप करती हैं। दर्द या थकान हो तो हल्की स्ट्रेचिंग और प्राणायाम करें।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई बीमारी, चोट या प्रेगनेंसी हो तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें।


