थायरॉइड में योग: कौन-से आसन करें और क्या ध्यान रखें

थायरॉइड, ख़ासकर हाइपोथायरॉइडिज़्म, महिलाओं में बहुत आम है। थकान, वज़न बढ़ना, सुस्ती और मूड में बदलाव इसके आम लक्षण हैं। दवा थायरॉइड हॉर्मोन को संतुलित करती है, और योग बाक़ी चीज़ों में मदद कर सकता है: ऊर्जा, वज़न, तनाव और नींद।
योग थायरॉइड की दवा की जगह नहीं ले सकता। दवा रोज़ डॉक्टर के बताए समय पर लें और नियमित जाँच करवाती रहें। दवा कम या बंद करने का फ़ैसला सिर्फ़ डॉक्टर के साथ करें।
विपरीत करणी: दीवार पर पैर
YouTube पर देखेंथायरॉइड में योग कैसे मदद करता है
- रोज़ की हलचल सुस्ती और थकान से लड़ने में मदद करती है।
- वज़न संभालना आसान होता है, जो थायरॉइड में अक्सर मुश्किल लगता है।
- प्राणायाम और विश्राम से तनाव कम होता है और नींद बेहतर होती है।
- गर्दन और कंधों की अकड़न में आराम मिलता है।
थायरॉइड के लिए आसन
- विपरीत करणीदीवार के सहारे पैर ऊपर करके लेटना। गर्दन पर ज़ोर नहीं पड़ता, इसलिए यह सर्वांगासन का आसान और सुरक्षित रूप है।
- सेतु बंधासनगर्दन और छाती का हल्का खिंचाव। सिर को दाएँ-बाएँ न घुमाएँ।
- मत्स्यासनगले के आगे का खिंचाव। शुरू में पीठ के नीचे तकिया रखकर करें, सिर पर ज़ोर न डालें।
- भुजंगासनगर्दन लंबी रखते हुए छाती उठाएँ।
- मार्जरी आसनगर्दन और कमर दोनों को धीरे-धीरे चलाता है।
- सूर्य नमस्कार (धीमा)ऊर्जा और वज़न दोनों के लिए। थकान ज़्यादा हो तो कम राउंड करें। चरण यहाँ।
सर्वांगासन और हलासन जैसे आसन थायरॉइड के लिए अक्सर बताए जाते हैं, पर इनमें गर्दन पर पूरा वज़न आता है। गर्दन दर्द, स्पॉन्डिलोसिस, हाई BP हो या आप शुरुआत कर रही हों, तो इन्हें ख़ुद से न करें। टीचर की निगरानी में सीखें।
प्राणायाम
- उज्जायीगले को हल्का सिकोड़कर धीमी, आवाज़ वाली साँस। मन को शांत करता है।
- भ्रामरीभँवरे जैसी गुंजन के साथ साँस छोड़ना। तनाव और बेचैनी में मदद।
- अनुलोम विलोमरोज़ 5 से 10 मिनट। सही तरीक़ा यहाँ।
कुछ और ज़रूरी बातें
- योग रोज़ करें, चाहे 20 मिनट ही सही। थायरॉइड में नियमितता सबसे ज़्यादा काम करती है।
- थकान वाले दिन हल्का अभ्यास करें, छोड़ें नहीं।
- पूरी नींद और सादा घर का खाना।
- वज़न भी लक्ष्य है तो घर बैठे वज़न घटाने के लिए योग पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या योग से थायरॉइड ठीक हो सकता है?
योग थायरॉइड की दवा की जगह नहीं ले सकता। यह ऊर्जा, वज़न, तनाव और नींद में मदद करता है, जिससे थायरॉइड के साथ जीना आसान होता है।
थायरॉइड में कौन-सा योग सबसे अच्छा है?
विपरीत करणी, सेतु बंधासन, मत्स्यासन, भुजंगासन और उज्जायी, भ्रामरी जैसे प्राणायाम अक्सर सुझाए जाते हैं। किसी एक आसन से ज़्यादा ज़रूरी है रोज़ करना।
क्या थायरॉइड में सर्वांगासन करना चाहिए?
सिर्फ़ तब जब आपकी गर्दन ठीक हो, BP सामान्य हो और आप टीचर से सीख चुकी हों। शुरुआत करने वालों के लिए विपरीत करणी ज़्यादा सुरक्षित है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई बीमारी, चोट या प्रेगनेंसी हो तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें।


