कपालभाति कैसे करें: सही तरीक़ा और कब बिल्कुल न करें

कपालभाति तेज़ साँस वाला प्राणायाम है, जिसमें नाक से ज़ोर से साँस बाहर फेंकी जाती है और अंदर साँस अपने आप आती है। यह ऊर्जा देने वाला और पेट की मांसपेशियों से काम करवाने वाला अभ्यास है, पर यह हर किसी के लिए नहीं है। इसलिए पहले जानें कि कब नहीं करना चाहिए।
कपालभाति न करें अगर: प्रेग्नेंसी हो, पीरियड्स चल रहे हों, हाई BP या दिल की समस्या हो, हर्निया हो, पेट की हाल में सर्जरी या डिलीवरी हुई हो, मिर्गी (epilepsy) हो, या स्लिप डिस्क हो। कोई भी स्वास्थ्य समस्या हो तो पहले डॉक्टर से पूछें।
कपालभाति का सही तरीक़ा
- सीधे बैठेंसुखासन या वज्रासन में, कमर सीधी, हाथ घुटनों पर। पेट ख़ाली हो।
- एक लंबी साँस लेंशुरू करने से पहले आराम से एक गहरी साँस लें और छोड़ें।
- साँस बाहर फेंकेंनाभि को झटके से अंदर खींचते हुए नाक से तेज़ साँस बाहर छोड़ें। साँस लेने पर ध्यान न दें, वह अपने आप आएगी।
- एक लय बनाएँलगभग एक सेकंड में एक स्ट्रोक। कंधे और चेहरा न हिलें, सिर्फ़ पेट काम करे।
- राउंड के बाद आरामहर राउंड के बाद सामान्य साँस लें और शरीर को शांत होने दें।
शुरुआत में कितना करें
पहले हफ़्ते एक राउंड में 15 से 20 स्ट्रोक, और 2 से 3 राउंड। हर हफ़्ते थोड़ा बढ़ाएँ। तेज़ी से ज़्यादा ज़रूरी है साँस पर नियंत्रण। चक्कर, सिर दर्द, सीने में बेचैनी या पेट में दर्द हो तो तुरंत रुक जाएँ।
कपालभाति के फ़ायदे
- पेट की मांसपेशियाँ काम करती हैं और कोर मज़बूत होता है।
- सुबह करने पर शरीर में ऊर्जा और ताज़गी आती है।
- साँस की मांसपेशियाँ सक्रिय होती हैं।
- वज़न घटाने के रूटीन का अच्छा हिस्सा बन सकता है, पर अकेले वज़न कम नहीं करता। पढ़ें पेट कम करने के लिए योग।
आम ग़लतियाँ
- साँस को ज़ोर से अंदर खींचनासिर्फ़ बाहर फेंकना सक्रिय है। अंदर साँस अपने आप आनी चाहिए।
- कंधे और सिर हिलानाशरीर स्थिर रखें, हरकत सिर्फ़ पेट से हो।
- बहुत तेज़ और बहुत ज़्यादापहले ही दिन 100 स्ट्रोक चक्कर और सिर दर्द दे सकते हैं। धीरे बढ़ाएँ।
- खाने के बाद करनाखाने के कम से कम 3 घंटे बाद ही करें।
कपालभाति के बाद शांत होने के लिए अनुलोम विलोम अच्छा रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पीरियड्स में कपालभाति कर सकते हैं?
नहीं। पीरियड्स में कपालभाति न करें। इन दिनों हल्की स्ट्रेचिंग, अनुलोम विलोम और भ्रामरी बेहतर हैं।
कपालभाति कितनी देर करना चाहिए?
शुरुआत में 2 से 3 राउंड, हर राउंड में 15 से 20 स्ट्रोक। आदत होने पर धीरे-धीरे बढ़ाएँ, पर अपनी क्षमता से ज़्यादा नहीं।
क्या हाई BP में कपालभाति कर सकते हैं?
हाई BP या दिल की समस्या में कपालभाति न करें। इनके लिए अनुलोम विलोम (बिना साँस रोके) और भ्रामरी ज़्यादा सुरक्षित विकल्प हैं, डॉक्टर की सलाह के साथ।
कपालभाति से चक्कर क्यों आता है?
अक्सर बहुत तेज़ या बहुत ज़्यादा करने से। रुक जाएँ, सामान्य साँस लें, और अगली बार कम स्ट्रोक और धीमी गति से करें।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, मेडिकल सलाह नहीं। कोई बीमारी, चोट या प्रेगनेंसी हो तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें।


